" data-ad-slot="">
" data-ad-slot=""data-auto-format="rspv" data-full-width>
" data-ad-slot=""data-auto-format="rspv" data-full-width>
" data-ad-slot=""data-auto-format="rspv" data-full-width>

ऩई दिल्ली। वित्तीय संकट से जूझ रही कंपनियों और कर्मचारियों को राहत देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि अब अगले तीन महीने तक निजी कंपनियों को 12 प्रतीशत की जगह 10 प्रतीशत ही पीएफ का अंशदान करना होगा. अगस्त महीने तक सरकार ईपीएफ का हिस्सा देगी। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज में एक सुविधा दी गई थी कि 12-12 फीसदी ईपीएफ कर्मचारी और नौकरी देने वाले को भारत सरकार देगी। ये पहले तीन महीनों के लिए किया गया था, जिसे बढ़ाकर अगले तीन महीने जून, जुलाई और अगस्त तक कर दिया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि सरकार 15 हज़ार सैलरी वाले कर्मचारियों का ईपीएफ देगी। इससे 3,67,000 ऐसी संस्थाओं के 72,22,000 ऐसे कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। इनको कुल मिलाकर 2500 करोड़ का लाभ मिलेगा.

1 एमएसएमई को 3 लाख करोड़ का लोन

लोन 4 साल के लिए और 100 फीसदी गारंटी फ्री है। उन उद्योगों को मिलेगा, जिनका बकाया लोन 25 करोड़ से कम हो और टर्नओवर 100 करोड़ से ज्यादा ना हो। 10 महीने तक लोन चुकाने में छूट मिलती रहेगी। 31 अक्टूबर 2020 तक ही इस लोन के लिए अप्लाई किया जा सकेगा। किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। 45 लाख एमएसएमई को मिलेगा फायदा।  20 हजार करोड़ रुपए स्ट्रेस्ड एमएसएमई को दिया। अच्छी एमएसएमई के लिए 50 हजार करोड़ का फंड ऑफ फंड बनेगा। सभी छोटे उद्योगों को शामिल किया जाएगा। माइक्रो इंडस्ट्री के लिए 25 लाख से बढ़ाकर निवेश एक करोड़ किया गया। स्माल इंडस्ट्री के लिए 10 करोड़ तक का निवेश और 50 करोड़ तक का कारोबार, मध्यम के लिए 20 करोड़ निवेश और 100 करोड़ के कारोबार को मंजूरी। लोकल उद्योगों को ग्लोबल करने के लिए 200 करोड़ रुपए से कम के ग्लोबल टेंडर के नियम को खत्म कर दिया गया यानी अब 200 करोड़ रुपए से कम का कोई टेंडर नहीं होगा। आंशिक ऋण गारंटी योजाना में 45 लाख करोड़ रुपए का प्रावधन किया जाएगा। इसमें सरकार को 20 फीसदी का नुकसान होगा। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों और आम आदमी को लोन देने में सहूलियत होगी।

एनबीएफसी के लिए 30 हजार करोड़ रुपए

गैर बैंकिग वित्तीय कंपनियों की लिक्विडिटी की समस्या दूर करने के लिए 30 हजार करोड़ रुपए की स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम शुरू होगी। एनबीएफसी के साथ हाउसिंग फाइनेंस और माइक्रो फाइनेंस को भी इसी 30 हजार करोड़ में जोड़ा गया है। इनकी पूरी गारंटी भारत सरकार देगी।  45,000 करोड़ रुपए की आंशिक क्रेडिट गारंटी एनबीएफसी को दी जाएगी। इसमें एए पेपर्स और इसके नीचे के रेटिंग वाले पेपर्स को भी कर्ज मिलेगा। अनरेटेड पेपर्स के लिए भी इसमें प्रावधान किया गया है। इससे नई लेंडिंग को बढ़ावा मिलेगा।

 पावर जनरेटिंग कंपनियों को 90 हजार करोड़ रुपए

मुश्किल में घिरी राज्यों की पावर जनरेटिंग कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए 90,000 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। डिस्कॉम यानी पावर जनरेटिंग कंपनियों को इससे फायदा मिलेगा। बिजली वितरण कंपनियों की आय में भारी कमी आई है। बिजली उत्पादन और वितरण करनेवाली कंपनियों के लिए यह प्रावधान किया गया है। 90 हजार करोड़ रुपए सरकारी कंपनियों पीएफसी, आरईसी के माध्यम से दिया जाएगा। कॉन्ट्रैक्टर को 6 महीने की राहत बिना किसी शर्त के दी जाएगी।

 सरकारी कॉन्ट्रैक्टर्स को राहत

सभी सरकारी एजेंसियां जैसे रेलवे, रोडवेज कॉन्ट्रैक्ट में 6 महीने का एक्सटेंशन देंगी। इन 6 महीनों के दौरान कॉन्ट्रैक्टर को बिना किसी शर्त के राहत दी जाएगी। कॉन्ट्रैक्टर जो आंशिक सिक्योरिटीज देते थे, उसे वापस किया जाएगा। मान लीजिए 70 प्रतिशत किसी ने काम किया है तो उसकी बाकी की 30 प्रतिशत गारंटी उसे वापस की जा सकती है। जितना काम होगा, उस आधार पर यह गारंटी रिलीज की जा सकती है। निर्मला सीतारमण ने कहा- पैकेज का ऐलान आत्मनिर्भर भारत के विजन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इसके पांच स्तंभ इकोनॉमी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोग्राफी और डिमांड हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब यह कतई नहीं है कि हम पृथकतावादी सोच रखते हैं। हमारा फोकस लोकल ब्रांड को ग्लोबल बनाना है। लघु उद्योगों के लिए हमने 6 बड़े कदम उठाए हैं।

केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा- कोविड-19 के तहत प्रधानमंत्री ने पहला कदम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण के तहत उठाया जो 1.70 लाख करोड़ रुपए का था। आरबीआई के जरिए लिक्विडिटी दी गई। भारत दुनिया भर के देशों में की तुलना में कोविड से बेहतर तरीके से लड़ रहा है। हम इस पर गहराई से विचार कर रहे हैं कि डिमांड और सप्लाई की चेन में समन्वय बना रहे। इन सेक्टर के लिए सरकार के 15 कदम–6 एमएसएमई के लिए, 2 एनबीएफसी के लिए,2 एमएफआई के लिए,1 डिस्कॉम के लिए,1 रियल एस्टेट के लिए,3 टैक्स से संबंधित, 1 कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए

Spread the love
Samvad Express

Samvad Express is a News Portal Digital Media.

Share
Published by
Samvad Express

Recent Posts

लॉयड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में ‘AI ASCEND 2026: Agentic Unplugged’ का आयोजन, Kyndryl के साथ हुआ महत्वपूर्ण समझौता

ग्रेटर नोएडा। लॉयड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में Kyndryl एवं AWS Academy के सहयोग से 'AI…

2 days ago

ग्रेटर नोएडा वर्ल्ड स्कूल के विद्यार्थियों ने ओप्पो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का किया शैक्षणिक भ्रमण

ग्रेटर नोएडा,29 जून। विद्यार्थियों को आधुनिक उद्योगों की कार्यप्रणाली से परिचित कराने तथा उन्हें व्यावहारिक…

3 days ago

राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 एवं मीडिया विषय पर शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की राष्ट्रीय कार्यशाला एवं अखिल भारतीय प्रचार प्रसार बैठक

नई दिल्ली। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की राष्ट्रीय कार्यशाला एवं अखिल भारतीय प्रचार प्रसार बैठक…

3 days ago

एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने रचा नया इतिहास: स्वायत्त (Autonomous) दर्जा, NAAC मान्यता, AI-सक्षम कैंपस और 90% प्लेसमेंट किया हासिल

ग्रेटर नोएडा,29 जून। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए एक्यूरेट…

3 days ago

विक्रम साराभाई इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (VSIET) का हुआ भव्य उद्घाटन, शामिल हुए शिक्षाविद, उद्योग व कॉर्पोरेट जगत के लोग

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा स्थित टिवोली में विक्रम साराभाई इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (VSIET)…

4 days ago

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  की उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2026) के चतुर्थ संस्करण की घोषणा

UPITS 2026 उत्तर प्रदेश की औद्योगिक उत्कृष्टता, निवेश क्षमता एवं वैश्विक व्यापारिक नेतृत्व का बनेगा…

5 days ago
" data-ad-slot=""data-auto-format="rspv" data-full-width>