नेचुरलपैथी में व योग को अपना कर कोरोना को दे सकते हैं मात-डॉ.राजेश कुमार सिंह

नेचुरलपैथी में व योग का अपना कर कोरोना को दे सकते हैं मात-डॉ.राजेश कुमार सिंह

घर पर कोविड रोगियों का स्वयं करे सकते हैं देखभाल
ग्रेटर नोएडा। कोरोना महामारी में कुछ सावधानी बरतकर संक्रमण से बचा जा सकता है, अगर संक्रिमित हैं तो नेचुरलपैथी में कुछ ऐसे उपाय हैं जिससे ठीक भी हो सकते हैं। इसी सम्बन्ध में डॉ. राजेश कुमार सिंह, बीएनवाईएस (योग व प्राकृतिक चिकित्सक),निदेशक, सम्मति वेलबीइंग सेन्टर, ग्रेटर नोएडा ने बताया कि इस महामारी में बचाव से अच्छा कुछ भी नहीं है, आप अगर कुछ सावधानी बरतते हैं तो आपके घर तक कोरोना का संक्रमण नहीं पहुंच सकता। कोरोना वायरस संक्रमण के थोड़े- बहुत लक्षण हैं तो करें ये सेल्फ केयर उपाय-
1. नियमित दिनचर्या बनाए रखें
– रोजाना 6-8 घंटे सोएं, आमतौर पर रोज सोने के लिए एक ही समय का पालन करते हुए ।
– गर्म पानी के साथ स्नान लें ।
– सामान्य गतिविधि को बनाए रखें जैसे अपने कमरे में टहलना / स्ट्रेचिंग या योग का अभ्यास ।
– अपने आप को संलग्न करें । कुछ पढाई करें, मनोरंजक कार्यक्रम देखें, खेल खेलें।
– हो सके तो नकारात्मकता के स्रोतों से दूर रहें-खबर, सोशल मीडिया आदि ।
– मजबूत रहें । दोस्तों/ परिवार के सदस्यों से नियमित आधार पर बात करें ।
2. आहार-पोषण-हाइड्रेशन
(वायरल संक्रमण शरीर का निर्जलीकरण करता है। हमारे शरीर को वायरस के प्रभाव में अधिक विटामिन और खनिज तत्त्वों की भी आवश्यकता होती है।)
– अपने पेट पर हल्का रहें। भारी, तैलीय भोजन से बचें ।
– स्वस्थ, पौष्टिक भोजन लें जिसमें बहुत सारे सब्जी का सूप, नारियल पानी, मौसमी फल (नींबू, संतरा सहित), छाछ और ताजा फलों के रस शामिल हैं।

3. फेफड़ों/ श्वसन/ सांस लेने की देखभाल
– अपने पेट पर लेटने/ सोने की कोशिश करें । (यह फेफड़ों के विस्तार के लिए और अधिक जगह की अनुमति देता है और ऑक्सीजनेशन में सुधार करता है) ।
– गहरी सांस लें। सरल पेट/डायाफ्रैगमिक साँस लेना पर्याप्त है। पीठ पर लेटकर, कुर्सी पर बैठे या दीवार के खिलाफ खड़े होकर ये अभ्यास करें। अपने पेट को बाहर जाते हुए देखें जब आप धीरे-धीरे साँस छोड़ते हैं; और जब आप धीरे-धीरे साँस अन्दर लेते हैं तो पेट को आगे बढ़ते हुए देखें। 5-10 मिनट, दिन में 2-3 बार करें ये अभ्यास।
– सुबह, शाम को और सोने से पहले मुँह की भाप लें ।
– पुदीना या यूकेलिप्टस तेल या उससे युक्त बाम एक या दो बूंद हाथ में लेकर नाक और माथे के आसपास मालिश करें ।
4. गले के लक्षणों के लिए
आपका गला शायद खुजला, चिड़चिड़ा और खराश महसूस करेगा।
– दिन में लगभग 3-4 बार गार्गल करें, गर्म पानी के साथ नमक मिलाकर ।
-उबले अदरक, तुलसी और काली मिर्च के साथ गर्म हर्बल पेय पदार्थ लें। नींबू, शहद, नमक या गुड़ डालें।
5. बुखार
– बुखार होने पर 2-3 बार स्पंजिंग का प्रयोग करें ।
– तेज बुखार में माथे पर ठंडा कंप्रेस का प्रयोग करें ।

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