नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने आज गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित किया। अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती से आगे बढ़ रही है। एडवांस एस्टीमेट के अनुसार जीडीपी ग्रोथ 7.4% रहने का अनुमान है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, एग्रीकल्चर, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर का मजबूत योगदान है। एफडीआई, जीएसटी कलेक्शन और एक्सपोर्ट रिकॉर्ड स्तर पर हैं, जबकि महंगाई और फिस्कल डेफिसिट नियंत्रण में हैं। मोदी सरकार के निरंतर सुधार, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, एमएसएमई, डिफेंस, स्पेस और सेमीकंडक्टर सेक्टर पर फोकस से भारत तेजी से विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं की ओर बढ़ रहा है। गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि आज वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़े स्तर पर परिवर्तन हो रहे हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जो आर्थिक ढांचा उभरकर सामने आया था, वह अब पूरी तरह से चरमरा चुका है और उसकी जड़ें भी हिल रही हैं। ऐसे हालात में वही देश आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में खड़ा होगा, जो इन चुनौतियों के बीच स्वयं को मजबूती से उभार पाएगा। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि इस चुनौतीपूर्ण वैश्विक वातावरण में भारत का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। हाल ही में सामने आए जीडीपी के एडवांस एस्टिमेट इस बात को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि किस प्रकार भारत की अर्थव्यवस्था आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि यदि पूरे वर्ष के जीडीपी रेट के अनुमान को देखा जाए तो वह 7.4 प्रतिशत है। इसमें एक स्पष्ट ट्रेंड देखने को मिलता है, जहां पिछले वर्ष के Q4 में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.4 प्रतिशत था, जबकि इस वित्तीय वर्ष के Q1 में यह बढ़कर 7.8 प्रतिशत और Q2 में सभी अनुमानों को पार करते हुए 8.2 प्रतिशत तक पहुंच गया। इस प्रकार Q4 में 7.4 प्रतिशत, Q1 में 7.8 प्रतिशत और Q2 में 8.2 प्रतिशत की जीडीपी ग्रोथ के साथ भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ी है। केवल कुल जीडीपी ही नहीं बढ़ रही है, बल्कि इसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का भी मजबूत योगदान है, जहां 7 प्रतिशत ग्रोथ का अनुमान है। कृषि क्षेत्र अपने आप में मजबूत वृद्धि दिखा रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी 3.1 प्रतिशत की दर से तेजी से आगे बढ़ रही है। कंस्ट्रक्शन सेक्टर, जो लेबर इंटेंसिव है और एंप्लॉयमेंट जनरेशन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग जैसे सेक्टर भी तेजी से ग्रोथ के रूप में आगे बढ़ रहे हैं, जहां 7 प्रतिशत की ग्रोथ अनुमानित है। सर्विस सेक्टर, जिसमें भारत वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है, उसमें 9.1 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई है। साथ ही एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि प्राइवेट फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन, जो पहले एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने था, अब तेजी से पुनर्जीवित हो रहा है। बैंकिंग सेक्टर मजबूत है और क्रेडिट अपटेक में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। परिणामस्वरूप ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन, जो पहले चुनौती था, अब 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि अग्रिम अनुमान में सामने आई ये सभी बातें बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि वर्तमान समय के मैक्रो इकोनॉमिक पैरामीटर्स पर नजर डालें तो भारत में एफडीआई का आकर्षण अपने उच्चतम स्तर पर है और देश में अब तक की सबसे अधिक एफडीआई आ रही है। जीएसटी दरों में सरकार द्वारा नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म्स के तहत इनडायरेक्ट टैक्स में बड़े स्तर पर कटौती किए जाने के बावजूद मंथली जीएसटी संग्रह लगातार बढ़ रहा है। दिसंबर माह में जीएसटी संग्रह 1 लाख 77 हजार करोड़ रुपये रहा है। वैश्विक स्तर पर संरक्षणवाद बढ़ रहा है और वैश्विक अर्थव्यवस्था ट्रेड व टैरिफ के रूप में कई चुनौतियों का सामना कर रही है। इसके बावजूद इन सभी बाहरी चुनौतियों को पार करते हुए भारत ने अप्रैल से सितंबर के बीच, यानी पहली तिमाही में, अब तक का सबसे अधिक 419 बिलियन डॉलर का निर्यात किया है। इससे स्पष्ट होता है कि भारत बाहरी चुनौतियों का प्रभावी और दृढ़ता के साथ सामना कर रहा है।
श्री गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि आम आदमी के लिए महंगाई दर सबसे महत्वपूर्ण विषय होती है और इस मोर्चे पर भी स्थिति संतोषजनक है। चाहे खाद्य महंगाई हो या समग्र महंगाई, यह 1 प्रतिशत से भी कम है और वर्तमान में 0.71 प्रतिशत के स्तर पर है। इसके साथ ही राजकोषीय घाटा, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती का एक अहम व्यापक आर्थिक मानक है, वह भी नियंत्रण में है। भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार का लक्ष्य राजकोषीय घाटे को 4.5 प्रतिशत से नीचे रखने का था और अग्रिम अनुमान के अनुसार यह 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल की गई है, जब पिछले बजट में प्रत्यक्ष कर में बड़ी कटौती की गई थी और मूल कर छूट सीमा को बढ़ाकर लगभग 12 लाख रुपये कर दिया गया, जिससे वार्षिक प्रत्यक्ष कर संग्रह पर असर पड़ा। इसके बावजूद वस्तु एवं सेवा कर दरों में कटौती के साथ-साथ भारत की अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि कल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने ट्वीट के माध्यम से यह महत्वपूर्ण बात कही कि भारत की ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ को आगे बढ़ाते हुए जीडीपी वृद्धि दर को बनाए रखना आवश्यक है और इसके लिए निरंतर सुधार किए जाने होंगे। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट रूप से यह प्रतिबद्धता व्यक्त की है कि भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस आगे बढ़ती रहेगी और एनडीए सरकार की आर्थिक मोर्चे पर नीतियां व्यापक रूप से अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए समर्पित रहेंगी। चाहे वह सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के माध्यम से सरकार का निवेश प्रोत्साहन हो, या फिर केंद्र सरकार द्वारा अवसंरचना में किया जा रहा प्रत्यक्ष व्यय हो, सरकार लगातार मांग प्रोत्साहन पैदा करने की दिशा में काम कर रही है और इसमें सफलता भी हासिल कर रही है। जब अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता मांग और ग्रामीण क्षेत्र में मांग बढ़ती है, तो स्वाभाविक रूप से निवेश भी आता है और अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ती है। इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ की कहानी सबके सामने है, जहां तेजी से सड़कों का निर्माण हो रहा है, नए हवाई अड्डे बन रहे हैं और जलमार्गों का विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही विनिर्माण क्षेत्र, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र में सरकार का जबरदस्त प्रोत्साहन देखने को मिल रहा है। एमएसएमई और विनिर्माण क्षेत्र में किए जा रहे इस लक्षित प्रोत्साहन के तहत कुछ ऐसे क्षेत्रों की पहचान हुई है, जो तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और भारत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
श्री अग्रवाल ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसमें निजी निवेश लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में रक्षा क्षेत्र की लगभग 70 प्रतिशत घरेलू आवश्यकताओं का निर्माण भारत के भीतर ही किया जा रहा है। इसके साथ ही स्पेस टेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष क्षेत्र में भी उल्लेखनीय तेजी देखने को मिल रही है, जहां 100 से अधिक स्टार्टअप्स स्पेस इकोसिस्टम के अंतर्गत नई-नई इंडस्ट्रीज के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं। केंद्र सरकार ने रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए बड़े स्तर पर खोल दिया है और हाल ही में एक शांति बिल के माध्यम से परमाणु क्षेत्र को भी निजी निवेश के लिए खोल दिया गया है। परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रक्षा क्षेत्र और सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक व महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर सरकार का फोकस है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था और अधिक गति से आगे बढ़ सके। इसके साथ ही देश में डिजिटल लेनदेन भी तेजी से बढ़ रहे हैं। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विशेष फोकस ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर है, जिसके तहत प्रशासनिक सुधार के लिए डिरेगुलेशन आयोग का गठन किया गया है। यह आयोग भ्रष्टाचार-मुक्त प्रणाली और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने के लिए सुझाव देगा, जिन्हें प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। अब तक लगभग 1500 अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया जा चुका है और आगे भी ऐसे कानूनों की पहचान की जाएगी, जो अप्रासंगिक और अनावश्यक हैं, ताकि उन्हें हटाकर प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सरल व प्रभावी बनाया जा सके।
ग्रेटर नोएडा। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, ग्रेटर नोएडा के विद्यार्थियों ने 22 अप्रैल 2026 को…
ग्रेटर नोएडा। विश्व भारती महिला कल्याण संस्थान के तत्वावधान में विश्व भारती पब्लिक स्कूल ने…
ग्रेटर नोएडा। जीएनआईटी संस्थान में अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस PTEMS 2026 का समापन संस्थान परिसर में आयोजित…
-गरीब कन्याओं का वैदिक रीतीरिवाज से शादी कराया गया सम्पन्न ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-डेल्टा-तीन स्थित साईं…
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के रोजगार परिदृश्य में आज एक बड़ा बदलाव देखने को मिला,…
ग्रेटर नोएडा। एचआईएमटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, ग्रेटर नोएडा द्वारा आयोजित वार्षिक संगोष्ठी “मंथन” का सफलतापूर्वक…