श्रीमद्भभागवत कथा में संस्कारवान व बच्चों को संस्कारित बनाने के लिए किया प्रेरित

श्रीमद्भभागवत कथा में संस्कारवान व बच्चों को संस्कारित बनाने के लिए किया प्रेरित

ग्रेटर नोएडा,19 अगस्त। अल्फा-2 समुदायिक केंद्र में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते हुए संत बृजभूषण बापू महाराज ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण स्वयं गुरुकुल में पढ़ने के लिए अवन्तिकापुरी सांदीपनि गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त करने गए थे, जिसकी स्वांस में सभी वेद पुराण समाये हुए हैं वह भी हमें प्रेरणा देते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को उच्च शिक्षा करनी चाहिए, जो हमें संस्कार दे, जैसे भगवान शिक्षा ग्रहण करने के बाद मथुरा आये तब अपने माता-पिता को दण्डवत प्रणाम करते हैं। आज की शिक्षा किसी को झुकना नहीं सिखाती तो ऐसी शिक्षा से कोई तथ्य प्राप्त नहीं होगा, अपने बच्चों को संस्कारित बनाने के लिए सर्वप्रथम अपने आपको संस्कारित करना अनिवार्यता है। बृजभूषण महाराज ने सभी भक्तों को कथा श्रवण कराते हुए संकल्प दिलाया कि प्रत्येक घर में प्रातः काल ब्रह्ममुहूर्त में शीघ्र जागकर प्रभु का स्मरण योग ध्यान करते रहना चाहिए, जिससे हमारा मन शुद्ध होगा, मन शुद्ध होगा तो तन शुद्ध होगा, तन शुद्ध होगा तो क्रिया शुद्ध होगी, क्रिया शुद्ध होगी तो सत्कर्म कर सकते हैं, अन्यथा सांसारिक सुख सुविधाओं में लगे रहने से तो पाप ही होते हैं। अपनी क्रिया को शुद्ध करने पर पुण्य कर्म करने में मन लगता है। इस कथा में सैकड़ों की भीड़ उमड़ी, कथा सुनने के लिए मुख्य रूप से सी.पी. पाठक, हरि नाथ मिश्रा, टी.एन. पाडेय, भवानी सिंह, वीरेन्द्र सिंह,शशि शेखर त्रिपाठी, सुरेन्द्र शुक्ला, परमेश्वर, योगेन्द्र सिंह, एस.पी. सिंह, रामकुमार मिश्रा, संन्दीप सिंह, राजेश शर्मा, अनिल त्रिपाठी, रूबी मिश्रा, संतोष त्रिपाठी, पंकज रावल बी.पी. त्रिपाठी, विवेक सिंह, मनीष सिंह, पंकज अग्रवाल,बीना चावला,आकाश शुक्ला इत्यादि लोग उपस्थिति रहे।

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