ग्रेटर नोएडा। सेंट जोसेफ विद्यालय सेक्टर अल्फा-वन में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों का वार्षिक दिवस समारोह का आयोजन किया गया जिसमें इन नन्हे-मुन्नों ने अर्जित किये ज्ञान का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में फिल्म अभिनेता ओमकार प्रकाश कपूर। विशिष्ट अतिथि के रूप में आगरा महाप्रांत के अवकाश प्राप्त महाधर्माध्यक्ष डा. अल्वर्ट डिसूजा एवम् फिल्म निर्माता समीर चाहर शामिल हुए। स्कूल के प्रधानाचार्य फादर जिप्सन पलाटी, विद्यालय प्रबंधक फ़ादर एंड्रयू कोरिया, पूर्व प्राथमिक कक्षाओं की मुख्य अध्यापिका सिस्टर मेरी चेरियन (सिस्टर विजया), सिस्टर प्रेमा, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक कक्षाओं के समन्वयक शाजी के. जे., फादर के. के. थॉमस, फादर शाजी पालामट्टम, फादर सबेस्टियन कल्लिथानम, फादर बैंटो रोड्रिग के साथ अनेकों महान विभूतियां एवम् छोटी कक्षाओं के अभिभावकगण व सभी शिक्षक/शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य, मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथिगणों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं बाल गायक कलाकारों(विद्यार्थियों) के गीत से हुए।

मुख्य अतिथि ओमकार प्रकाश कपूर चलचित्र की दुनिया में बाल कलाकार के रूप में ही अपनी सुदृढ़ छवि स्थापित कर चुके हैं और गीत “छोटा बच्चा जान के हमको ना समझाना रे….” में अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार के रूप में सम्मानित किया गया है, बच्चों द्वारा आज भी खूब गाया जाता है, उनकी झलक पाने के लिए बच्चों में बेहद उत्सुकता दिखाई दी। इस अवसर पर बाल कलाकारों ने नृत्य, नाटक आदि अनेकों रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनको देखकर उनके माता-पिता के साथ – साथ सभी दर्शकों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा को करतल ध्वनि से सराहा। इसके साथ उनके चेहरे पर मुस्कान के भाव साफ दिखाते थे कि उनके नौनिहाल एक अच्छे संस्थान में पढ़ रहे हैं। विद्यालय की तरफ से अलग अलग क्षेत्रों अपनी विलक्षण प्रतिभा दिखाने वाले नन्हे विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया।इस अवसर मुख्य अतिथि ओमकार प्रकाश कपूर एवम् विशिष्ट अतिथि डा. अल्वर्ट डिसूजा ने बच्चों की प्रतिभा की प्रशंसा की।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य फादर जिप्सन पलाटी ने कहा कि बच्चों में इस प्रतिभा का जागरण अकेले विद्यालय के प्रयास का फल नहीं है, इनके उत्थान में इनके माता-पिता एवम् परिवारजनों के सहयोग को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। अंत में उन्होंने कहा कि आप हमारे और अपने बीच की विश्वास डोर को कमजोर न होने दें ये बच्चे सफलता की नई ऊंचाइयों को अवश्य छुएंगे और हम एक दिन स्वस्थ समाज स्थापित करने में सफल अवश्य होंगे।







