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स्टार्टअप हब बनने की ओर मजबूती से आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश,9.91 करोड़ रुपये की राशि वितरित

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लखनऊ, 10 फरवरी। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेटी) की महत्वाकांक्षी “स्टार्टअप एक्सेलेरेटर ऑफ मेटी फॉर प्रोडक्ट इनोवेशन, डेवलपमेंट एंड ग्रोथ” (SAMRIDH) योजना में उत्तर प्रदेश ने प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। स्टार्टअप्स को नवाचार, उत्पाद विकास और विस्तार के लिए तैयार करने वाली इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश से चयनित एक्सेलेरेटरों और स्टार्टअप्स की संख्या यह संकेत देती है कि प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपनाई गई नीतियों का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर साफ दिखने लगा है।

योगी सरकार द्वारा केंद्र की योजनाओं का लाभ जमीन तक पहुंचाने के लिए प्रदेश स्तर पर लगातार समन्वय किया जा रहा है। एक्सेलेरेटरों और स्टार्टअप्स की निगरानी, मेंटरशिप और बाजार से जोड़ने की प्रक्रिया को मजबूत किया गया है, ताकि युवा उद्यमियों को केवल फंडिंग ही नहीं बल्कि स्थायी विकास का रास्ता भी मिल सके। समृद्ध को लेकर उत्तर प्रदेश से कुल 10 एक्सेलेरेटरों ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जमा किया था। इनमें से 4 एक्सेलेरेटरों का चयन किया गया। इन चयनित एक्सेलेरेटरों के माध्यम से प्रदेश के 35 स्टार्टअप्स को एक्सेलेरेशन सपोर्ट दिया गया, जिनमें से 27 स्टार्टअप्स फंडिंग प्राप्त करने में सफल रहे। उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप्स को इस योजना के तहत कुल 9.91 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। यह राशि स्टार्टअप्स को उनके उत्पाद के विकास, बाजार विस्तार और तकनीकी मजबूती के लिए दी गई है। केंद्र सरकार की इस योजना में स्टार्टअप्स को अधिकतम 40 लाख रुपये तक की मैचिंग फंडिंग का प्रावधान है, जबकि प्रत्येक स्टार्टअप के लिए एक्सेलेरेटरों को भी वित्तीय सहयोग दिया जाता है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि बीते कुछ वर्षों में स्टार्टअप्स के लिए बनाए गए अनुकूल माहौल का ही यह परिणाम है कि उत्तर प्रदेश अब केवल उपभोक्ता राज्य नहीं बल्कि नवाचार और उद्यमिता का मजबूत केंद्र बन रहा है। नई स्टार्टअप नीति, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बढ़ावा, इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास और सिंगल विंडो सिस्टम जैसी पहल युवाओं को उद्यम के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। समृद्ध योजना के अंतर्गत हेल्थ टेक, एजुकेशन टेक, एग्री टेक, फिनटेक, सॉफ्टवेयर सर्विस और कंज्यूमर टेक जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स को समर्थन दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप्स की इन सेक्टर्स में सक्रिय भागीदारी यह दिखाती है कि राज्य की अर्थव्यवस्था अब पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर ज्ञान और तकनीक आधारित मॉडल की ओर अग्रसर है।

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