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कोविड से भारत में सबसे कम मृत्यु दर, 1.76 प्रतिशत, वैश्विक स्तर पर 3.3 प्रतिशत मृत्यु दर

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नई दिल्ली,2 सितम्बर। भारत दुनिया के उन चंद देशों में से एक है जहां कोविड-19 से होने वाली मृत्यु दर काफी कम है। देश में यह दर 1.76 प्रतिशत है जबकि वैश्विक स्तर पर यह 3.3 प्रतिशत है। भारत में प्रति दस लाख आबादी पर कोविड से मरने वालों की संख्या दुनिया में सबसे कम है जबकि इसका वैश्विक औसत प्रति दस लाख आबादी पर 110 है। देश में इस समय प्रति दस लाख आबादी पर कोविड से मरने वालों की संख्या 48 रह गई है जबकि ब्राजील और ब्रिटेन में यह आंकड़ा प्रति दस लाख आबादी पर क्रमश 12 और 13 गुना अधिक है।
कोविड प्रबंधन और रोग से निबटने के लिए तैयार की गई नीति के तहत केंद्र सरकार कोविड से होने वाली मौत के मामलों को कम करने के लिए कोविड के गंभीर रोगियों को गुणवत्ता युक्त नैदानिक देखभाल प्रदान करके उनका जीवन बचाने पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है । केन्द्र के साथ राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश की सरकारों के सहयोगात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप देश भर में स्वास्थ्य सुविधाएं काफी बेहतर हुई हैं। देश में इस समय 1578 कोविड समर्पित अस्पतालरोगियों को गुणवत्ता युक्त चिकित्सा देखभाल प्रदान कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने नैदानिक उपचार प्रोटोकोल के तहत अस्पतालों के लिए दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। कोविड के गंभीर रोगियों के नैदानिक प्रबंधन के मामले में आईसीयू में तैनात डॉक्टरों की क्षमता बढ़ाने की एक अनूठी पहल, के तहत ई-आईसीयू की शुरुआत नई दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल की ओर से की गई है। इसके तहत सप्ताह में दो बार, मंगलवार और शुक्रवार को, सरकारी अस्पतालों में आईसीयू में तैनात डॉक्टरों के लिए डोमेन विशेषज्ञों द्वारा टेली / वीडियो-कॉन्फ्रेंस सत्र आयोजित किए जाते हैं। ये सत्र 8 जुलाई 2020 से शुरू हुआ है। अब तक, 17 टेली-सत्र आयोजित किए गए हैं, जिनमें 204 संस्थानों ने भाग लिया है। गंभीर रोगियों के उपचार के लिए डॉक्टरों की आईसीयू / नैदानिक प्रबंधन क्षमता को और बढ़ाने के लिए, स्वास्थ्य मंत्रालय के सहयोग से एम्स नई दिल्ली ने उपचार को लेकर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की एक सूची तैयार की है जिन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है।
ये अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की प्रकृति काफी डायनेमिक है। इसे आईसीयू में कोविड के गंभीर रोगियों की नैदानिक देखभाल के दौरान मिले अनुभवों के आधार पर तैयार किया गया है। उपचार के दौरान डाक्टरों के समक्ष नित नई चुनौतियां पैदा होती रहती हैं जिनका निदान उन्हें करना पड़ता है, ऐसे में प्रश्नों की यह सूची उनका ज्ञानवर्धन करने तथा उन्हें नई जानकारियों उपलब्ध कराने में काफी मददगार होगी।

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