ग्रेटर नोएडा,11 दिसम्बर। सेक्टर गामा-दो के संतुरा हॉस्पिटल के परिसर में सर्वजन कल्याणार्थ एवं पर्यावरण संरक्षण तथा शहर के चहुमुखी विकास हेतु नवकुंडीय नवग्रह शांति महायज्ञ का आयोजन चल रहा है, जिसमें बुधावर को बुध ग्रह की विधि विधान से हवन यज्ञ किया गया। बुध ग्रह की शांति के लिए आचार्य प्रेमानंद कौशिक महाराज ने बताया कि बुध ग्रह को भगवन विष्णु का प्रतिनिधि कहा जा सकता है और धन, वैभव आदि का सम्बन्ध बुध से होता है बुध की दिशा उत्तर है तथा उत्तर दिशा कुबेर का स्थान है। वुध वाणी, बुद्धि, त्वचा एवं मस्तिष्क के कारक ग्रह माने जाते है। बुध से प्रभावित जातक हंसमुख और कल्पनाशील संगीत मे रूचि रखने वाला होता है और दूसरी तरफ यदि बुध की कुदृष्टि हो तो घर में आया से ज्यादा व्यय होता है और घर में कलेश मचा रहता है। इस लिए बुध ग्रह का पूजन आवश्यक है, बुध के अलावा आज राहु ग्रह की भी पूजा विधि विधान से की गई। राहु तमस असुर है राहुकाल को अशुभ माना जाता है राहु ग्रह न होकर ग्रह की छाया है। हमारी धरती की छाया या धरती पे पड़ने वाली छाया का असर हमारे जीवन में बहुत पड़ता है राहु परिवर्तन एवं दुर्घटना के कारक भी होते है राहु मिथुन राशि मे उच्च का होता है और ,धनु राशि में नीच का होता है राहु रोगकारक ग्रह भी है। अतः इन सभी कष्टों से निवारण हेतु राहु ग्रह की पूजा विधि विधान से करनी परम आवश्यक है। इस अवसर पर महायज्ञ के शुभारम्भ करता एस एस रावत सपत्नी उपस्थित होकर हवन पूजन कर धर्मलाभ प्राप्त किये। इस महायज्ञ का आयोजन आचार्य प्रेमानंद कौशिक महाराज के निर्देश में काशी के महान विद्वानों द्वारा हो रहा है।
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