" data-ad-slot="">

लॉकडाउन से मुस्कराया पर्यावरण, हवा की गुणवत्ता में आया सुधार

" data-ad-slot=""data-auto-format="rspv" data-full-width>
" data-ad-slot=""data-auto-format="rspv" data-full-width>
" data-ad-slot=""data-auto-format="rspv" data-full-width>

रफ्तारे जिंदगी जब थम ना सकी,

प्रकृति ने कहा जरा धीरज रखो ।

दुनिया के मालिक नहीं राहगीर हो,

थम कर चलो, कदमों की भी आहट रखो ।

-डॉ दिनेश कुमार शर्मा व डॉ मनीषा शर्मा

दुनिया प्रगति कर रही थी और बढ रहे थे, वाहन, विनिर्माण इकाइयाँ, नव निर्माणाधीन घर। रोने और सूखने लगी थीं नदियाँ, सड़कें जाम होने लगीं और हवा का दम घुटने लगा लेकिन दौड़ नहीं रुकी। इस अंधाधुंध दौड़ के बीच, दुनिया कोविद -19 के अचानक प्रकोप से प्रभावित हुई, जिससे मानव जीवन एकाएक ग्रसित हो गया और दुनियाभर में इसके प्रसार को रोकने के लिए मानवजाति की गति को विश्राम देना पड़ा। भारत सरकार ने भी 24 मार्च, 2020 से शुरू होने वाले 21 दिनों के देशव्यापी तालाबंदी की घोषणा 1.3 अरब भारतीयों के लिए की, जिसे आगे बढ़ाकर 03 मई, 2020 कर दिया गया है। कोरोनावायरस की वृद्धि दर पर अंकुश लगाने के अलावा, लॉकडाउन प्रकृति और पर्यावरण को संतुलित करने में अत्यंत लाभकारी रहा है। जैसा कि कोपर्निकस एटमॉस्फियर मॉनिटरिंग सर्विस (CAMS) द्वारा बताया गया है कि ओजोन छिद्र स्वतः ही भर गया है। भारत में, द एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में वर्ष 2019 की तुलना में 25 मार्च -25 अप्रैल, 2020 की अवधि के दौरान तेज गिरावट देखी गई है। मुंबई में यह 27% है, जबकि दिल्ली, कोलकाता व बंगलौर में  क्रमशः 74%, 20% व 51% है जोकि CPCB के द्वारा नापी गयी है। भारत सरकार द्वारा 5 वर्ष की अवधि के लिए 20,000 करोड़ रुपये के कुल बजटीय परिव्यय के साथ शुरू की गई महत्वाकांक्षी नमामि गंगें योजना भी गंगा को उतना लाभान्वित न कर सकी जो मुस्कुराहट लॉकडाउन ने गंगा को दी है क्योंकि मानव गतिविधियों द्वारा उत्पन्न एरोसोल में 34% की कमी आई है।

भारत की राजधानी एक प्रमुख लाभार्थियों में से एक है जो हवा की गुणवत्ता में सुधार से खिलखिला उठी है। दिल्ली में, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का स्तर आमतौर पर 200 के आसपास होता है जो पिछले साल चरम प्रदूषण की अवधि के दौरान 900 तक आंका गया है। दिल्ली के आर्थिक सर्वेक्षण 2018-19 के अनुसार, 31 मार्च, 2018 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सड़कों में मोटर वाहनों की कुल संख्या 109.86 लाख थी। इन वाहनों की रोकथाम, कारखानों और निर्माण कार्य में लगे अंकुश से AQI का स्तर 40 से भी नीचे गिर गया है। आकाश फिर से नीला है, तारे चमकते हैं और पक्षी चहकते हैं। केवल यही नहीं, बल्कि औद्योगिक प्रदूषकों और औद्योगिक कचरे के ठहराव का यमुना नदी में पानी की गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और यमुना का पानी इतना पारदर्शी कभी नहीं दिखा। यहां तक ​​कि जालंधर शहर से हिमालयी परिदृश्य दिखाई देते हैं।

(स्रोत: डेटा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) से एकत्र किया गया है)

अब प्रकृति की पुकार सुनने का समय आ गया है। एक लॉकडाउन ने निश्चित रूप से पर्यावरण को साफ किया है लेकिन कुछ ही समय में हम अपनी नियमित सामान्य गति में वापस आ जाएंगे। यह आत्मनिरीक्षण करने का समय है। प्रकृति ने  स्वंय यह सिफारिश की है कि प्रकृति को संतुलित करने के लिए हर साल 15-दिन के लगातार लॉकडाउन से बेहतर विकल्प नहीं हो सकता। एक विचारोत्तेजक उपाय के रूप में, यह समय अवधि हर साल  02 जनवरी से 16 जनवरी तक हो सकती है, जो कि भारत के विभिन्न हिस्सों में भीषण ठंड की अवधि है और उन दिनों जीवनशैली थोड़ी धीमी हो ही जाती है, जो माल की आपूर्ति की पूरी श्रृंखला को प्रभावित करती है, जिससे, इस अवधि का अर्थव्यवस्था पर कम से कम प्रभाव और प्रकृति पर अधिकतम प्रभाव पड़ेगा। अन्य देशों को भी इसी व्यवस्था को अपनाने की आवश्यकता है।इस योजना को सावधानीपूर्वक व्यवस्थित तरीके से लागू किया जाना चाहिए जिससे कि आपूर्ति श्रृंखला, व्यवसाय और मानव जीवन कम से कम प्रभावित हो। ब्लॉकचैन प्रौद्योगिकी इसतरह के लॉकडाउन की दिशा में एक  रामबाण साबित हो सकती है। ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी में व्यवधानों को दूर करने के लिए व्यवसायों और समुदायों की मदद करने के लिए नए नवाचारों को चलाने की क्षमता है। इस तरह के कार्यान्वयन से पहले ब्लॉकचेन बुनियादी ढांचा तैयार कर लेना चाहिए। एक अधिक मजबूत विकेन्द्रीकृत वित्तीय बुनियादी ढाँचा कार्य को आसान बना सकता है। बड़े पैमाने पर लागू ऐसे नवीन दृष्टिकोण पृथ्वी और मानवता को बचाने में केंद्रीय भूमिका निभा सकते हैं।

आइए हम फिर से प्रकृति का पुनर्निर्माण करें और इस दुनिया को सभी जीवों के सह-अस्तित्व का स्थान बनाएं !!

(डॉ दिनेश कुमार शर्मा व डॉ मनीषा शर्मा, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य हैं।)

 

Spread the love
Samvad Express

Samvad Express is a News Portal Digital Media.

Recent Posts

प्रदेश मंत्री महामेधा नागर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की महत्वपूर्ण भेंट, सौंपा 7 सूत्रीय प्रस्ताव

युवाओं, महिलाओं एवं समाज कल्याण के विषयों पर भी हुई विस्तृत चर्चा लखनऊ। भारतीय जनता…

22 hours ago

जीआईएमएस में भव्य फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन, सलमान अली की लाइव परफॉर्मेंस ने बांधा समां

ग्रेटर नोएडा। जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (जीआईएमएस), ग्रेटर नोएडा द्वारा पीजीडीएम बैच 2026–28 के…

22 hours ago

दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में उत्साह एवं भक्तिभाव से मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

ग्रेटर नोएडा। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, नॉलेज पार्क-3 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास, उत्साह…

22 hours ago

इस्कॉन  ग्रेटर नोएडा  में 3-5 सितंबर तक  भव्य रुप से आयोजित हो रहा है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

-भजन कीर्तन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का होगा आयोजन ग्रेटर नोएडा। अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन)…

4 days ago

डिग्री के साथ हुनर और नवाचार से बनेगा भविष्य,आईआईपीपीटी में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का भव्य स्वागत

-अभिमुखीकरण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मिला सफलता का मंत्र, उद्योग जगत से जुड़ने और उद्यमशीलता…

4 days ago
" data-ad-slot=""data-auto-format="rspv" data-full-width>