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144 वर्ष बाद लग रहा है वर्ष का महा सूर्य ग्रहण, अंगूठी की तरह दिखेगा ग्रहण

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ग्रेटर नोएडा। साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को पड़ रहा है। इस बार का सूर्य ग्रहण वलयाकार होगा और अंगूठी की तरह दिखेगा, वलयाकार सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच में आने के बाद भी पृथ्वी को पूरी तरह से अपनी छाया में नहीं ले पाता। ऐसा होने पर सूर्य का बीच का हिस्सा ढ़क जाता है और बाहरी हिस्सा प्रकाशित होकर एक अंगूठी जैसा दिखने लगता है। इस ग्रहण का समय भारत में सुबह 8 बजकर 17 मिनट से शुरु होगा और 10 बजकर 57 मिनट तक चलेगा। भारत में यह वलयाकार ग्रहण कुछ ही जगह देखा जा सकता है। इनमें ऊटी, मंगलूरू, कासरगोड, कोयंबटूर, शिवगंगा, कोझिकोड और करूर शामिल हैं जहां सूर्य अंगूठी के आकार का दिख सकता है। दिल्ली,जयपुर, पुणे, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, कानपुर, भोपाल, अहमदाबाद, सूरत, इंदौर, लुधियाना, आगरा, पटना में आंशिक सूर्य ग्रहण लगेगा।

 

ग्रहण में इन कार्यों को करने से बचें

ग्रहणकाल में किसी भी नए कार्य की शुरुआत ना करें।

गर्भवती महिलाओं के लिए ग्रहण का समय अच्छा नहीं होता इसलिए गर्भवती महिलाओं को सूतक काल में घर से बाहर या खुले स्थान पर नहीं जाना चाहिए। सूतक के समय भोजन बनाने या खाने से बचें। सूतक के समय देवी-देवताओं की मूर्ति या कोई भी धार्मिक चीज़ के स्पर्श से बचें।

 

इसलिए खास है इस बार का सूर्य ग्रहण

साल 2019 का आखिरी सूर्य ग्रहण ग्रहों की परिस्थितियों की वजह से कुछ खास माना जा रहा है। 57 साल पहले यानि 1962 में ग्रहण के दौरान 7 ग्रह साथ आ गए थे और इस बार भी कुछ ऐसी ही स्थिति बन रही है लेकिन इस बार 6 ग्रह एक साथ होंगे जिनमें सूर्य, चंद्रमा, गुरु, बुध, केतु और शनि साथ होंगे। इन ग्रहों के साथ होने के कारण उत्पात जैसी बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है। यह स्थिति खंडनकारी हो सकती है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक ऐसा सूर्य ग्रहण 144 साल बाद पड़ रहा है जिसका दुष्प्रभाव सभी राशियों पर पड़ सकता है। ग्रहण के 10 दिनों के अंदर भूकंप, बर्फबारी या सुनामी का अंदेशा जताया जा रहा है।

छह ग्रह आएंगे एक साथ

ज्योतिषियों की मानें तो करीब 144 वर्ष बाद आंशिक सूर्य ग्रहण का ऐसा संयोग बन रहा है कि करीब छह ग्रह एक साथ रहेंगे। इस वजह से सूर्य ग्रहण का प्रभाव लंबे समय तक रहेगा। ऐसी ही स्थिति 1962 में आई थी जब सात ग्रह एक साथ आए थे। इस बार सूर्य, शनि, चंद्रमा, बुध, बृहस्पति और केतु ग्रहों का एक साथ संयोग बना है।

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सूर्य ग्रहण का समय

प्रारंभ समय : 08 : 17 मिनट

समाप्ति समय : 10 : 57 मिनट

खंडग्रास अवधि : 02 घंटे 40 मिनट

सूतक काल : 25 दिसंबर से प्रारंभ

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सूर्य ग्रहण में यह खाने से बचें

– आटा व मैदा

– काली दाल

– तैलीय भोजन

– खुला रखा पानी

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