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कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज़ में एक दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यशाला का आयोजन

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ग्रेटर नोएडा। कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज़ में एक दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यशाला का संचालन ebek me से आईं विशेषज्ञ प्रशिक्षक एकता मलिक द्वारा किया गया। सत्र का शीर्षक था – “From Scenario to Debrief: Simulation TOT for Faculty”। कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन, ओरिएंटेशन एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इसमें प्रतिभागियों को सिमुलेशन आधारित शिक्षा के उद्देश्य तथा दिन के अंत तक फैकल्टी को किन-किन दक्षताओं को प्राप्त करना है, इसकी विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान निम्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया:

  • सिमुलेशन आधारित शिक्षा के मूल सिद्धांत
  • सिमुलेशन, OSCE एवं डेमो में अंतर
  • विभिन्न फिडेलिटी लेवल और लर्निंग थ्योरी
  • सिलेबस को सिमुलेशन ऑब्जेक्टिव में बदलना
  • परिदृश्य (Scenario) की संरचना
  • समूह गतिविधि के माध्यम से पूरा सीनारियो तैयार करना
  • सिमुलेशन डिजाइन से पहले आवश्यक गतिविधियाँ
  • साइकोलॉजिकल सेफ्टी, फिक्शन कॉन्ट्रैक्ट एवं फैसिलिटेटर के लिए जरूरी दिशा-निर्देश

लाइव सिमुलेशन डेमो

फैकल्टी सदस्यों ने एक पूर्ण सिमुलेशन का लाइव प्रदर्शन देखा, जिसमें स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इस दौरान लर्नर्स को मैनेज करना, समय प्रबंधन एवं त्रुटियों को संभालने के व्यावहारिक तरीके बताए गए। इस सत्र में Plus-Delta एवं Advocacy-Inquiry जैसी तकनीकों तथा रिफ्लेक्टिव प्रश्न पूछने की कला पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को कम संसाधनों में सिमुलेशन लागू करने, आम गलतियों से बचने तथा चरणबद्ध कार्ययोजना बनाने के बारे में मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम का समापन पोस्ट-टेस्ट, प्रतिभागियों के फीडबैक, अनुभव साझा करने एवं वैलेडिक्टरी सत्र के साथ हुआ। संस्थान के प्रबंध निदेशक संदीप गोयल ने कहा कि सिमुलेशन आधारित शिक्षा भविष्य की आवश्यकता है। इससे विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने की तैयारी मिलती है, निर्णय क्षमता बढ़ती है और रोगी सुरक्षा को मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से हमारी फैकल्टी और अधिक सक्षम बनकर विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करेगी। शैक्षिक निदेशक बिंदिया गोयल ने कहा कि आधुनिक शिक्षा पद्धति में व्यावहारिक अनुभव का बहुत महत्व है। सिमुलेशन प्रशिक्षण से शिक्षक और विद्यार्थी दोनों का आत्मविश्वास बढ़ता है तथा सीखने की गुणवत्ता में सुधार होता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को सक्रिय भागीदारी के लिए बधाई दी।

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