सहकारी समिति में नहीं है डाई खाद, किसानों की बढ़ी मुश्किलें, निजी दुकानदार कर रहे हैं मनमानी
रबूपुरा। बारिश के कारण खराब हुई धान की फसल को लेकर किसान पहले से ही परेशान हैं ऊपर से अगली फसल बुआई के लिए तैयारी के समय सहकारी समितियों के गोदामों पर डाई की कमी ने समस्या को दोगुना कर रखा है। जबकि बाजार में निजी दुकानों पर इसकी भरमार है और निजी विक्रेता डाई खाद की कालाबाजारी कर किसान से मनमाने दाम वसूल रहे हैं। वहीं लोगों के दावे के मुताबिक पिछले कई वर्षों से कोई समस्या नहीं थी लेकिन इस बार चुनावी दौर में किसानों का डाई के लिए भटकना किसी साजिश की आशंका को बढ़ा देता है।
किसानों के मुताबिक गेंहू बुआई का दौर चल रहा है ऐसे में पिछले करीब दो सप्ताह से क्षेत्र की सहकारी समितियों पर डाई खाद नहीं आया है। हर रोज सघन समिति पर पहुंचे दर्जनों किसान सुबह से शाम तक इंतजार कर खाली हाथ लौट जाते हैं एवं समिति संचालक संतोषजनक जबाब भी नहीं दे पाते। वहीं बताया जाता कि बाजार में निजी विक्रेताओं की दुकानों पर डाई खाद का भरपूर स्टॉक है। जिसे 17 सौ से 18 सौ रुपए पर बैग बेच कर चांदी काटते हुए किसान की बेबसी का जमकर लाभ उठाया जा रहा है।
किसानों का कहना है कि सहकारी गोदाम की अपेक्षा बाजार में 5 सौ से 6 सौ रुपया अधिक वसूला जा रहा है। समस्या को लेकर किसानों के साथ-साथ किसान संगठनों में भी खासी नाराजगी नजर आ रही है तथा कई संगठन अतिशीघ्र समाधान नहीं होने पर पंचायत कर अधिकारियों के घेराव का दावा कर रहे हैं। राष्ट्रीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष इकपाल सिंह सिवाच ने गुरुवार को उपजिलाधिकारी से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराने व समाधान नहीं होने पर सहकारी समितियों पर धरना प्रदर्शन करने की बात कही है।
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