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रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो 2025 और बैटरी शो इंडिया का भव्य आगाज: भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य का रोडमैप तैयार

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ग्रेटर नोएडा, 30 अक्टूबर।भारत की अक्षय ऊर्जा यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित करते हुए, देश के प्रमुख B2B ग्रोथ प्लेटफॉर्म आयोजक, इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया ने  इंडिया एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया (REI) एक्सपो के 18वें संस्करण का शुभारंभ किया। इसके साथ ही, द बैटरी शो इंडिया (TBSI) के तीसरे संस्करण का भी सह-आयोजन किया गया। ‘नेट ज़ीरो प्राप्त करने के लिए मार्ग का निर्धारण’ की थीम पर केंद्रित, यह तीन दिवसीय आयोजन 30 अक्टूबर से 1 नवंबर, 2025 तक हो रहा है, भारत के स्वच्छ ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र में वैश्विक सहयोग, नवाचार और निवेश को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है। आरईआई और टीबीएसआई मिलकर दक्षिण एशिया के स्वच्छ ऊर्जा परिदृश्य में सबसे प्रभावशाली मंच बन गए हैं, जो वैश्विक निर्माताओं, नवप्रवर्तकों, निवेशकों और नीति निर्माताओं को एक साथ ला रहे हैं। अभिनव अक्षय ऊर्जा और बैटरी समाधानों पर भारत के इस प्रतिष्ठित शो का उद्घाटन कई प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में हुआ, जिनमें डॉ. विभा धवन, महानिदेशक, ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान (टेरी); श्री देबाशीष दास, प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी नोडल एजेंसी, ओडिशा सरकार; एच.आर.एच. प्रिंस ऑफ कंबोडिया नारिथिपोंग नोरोडोम, व्यापार विशेषज्ञ और सलाहकार, सीबीसी अध्यक्ष, कंबोडिया; डॉ. इवा सुवारा, उप प्रतिनिधिमंडल प्रमुख, यूरोपीय संघ, भारत; डॉ. फिलिप एकरमैन, जर्मनी के राजदूत, भारत; श्री मनु श्रीवास्तव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, मध्य प्रदेश सरकार; श्री पीटर हॉल, अध्यक्ष, आईएमईए क्षेत्र, इन्फॉर्मा मार्केट्स; श्री योगेश मुद्रस, प्रबंध निदेशक, इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया; और श्री रजनीश खट्टर, वरिष्ठ समूह निदेशक, इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया, शामिल थे।

मध्य प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव,  श्रीवास्तव ने कहा कि, भारत ने ₹2.70 प्रति यूनिट की दर पर चौबीसों घंटे सौर-प्लस-स्टोरेज बिजली प्रदान करने का एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है। श्री श्रीवास्तव ने कहा: “हमने बिना सब्सिडी के सब-₹3 प्रति यूनिट टैरिफ का नेतृत्व किया है और अब हमने सौर-प्लस-स्टोरेज के साथ ₹2.70 प्रति यूनिट पर राउंड-द-क्लॉक बिजली प्रदान करने का ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। 440 मेगावाट सौर-प्लस-स्टोरेज परियोजना ने यह स्थापित किया है कि भारत में सौर ऊर्जा गैर-सौर घंटों के दौरान भी विश्वसनीय रूप से आपूर्ति की जा सकती है—यह ऊर्जा विश्वसनीयता और स्थिरता की दिशा में एक निर्णायक छलांग है।” ओडिशा सरकार की आरई नोडल एजेंसी के प्रमुख, श्री देबाशीष दास, ने राज्य के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव की अनिवार्यता को रेखांकित किया। श्री दास ने कहा: “ओडिशा विकसित ओडिशा 2026 और विकसित भारत 2047 के साथ संरेखित ओडिशा अक्षय ऊर्जा नीति के तहत परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। हम अपने 2.25 लाख वर्ग किलोमीटर के जल जलाशयों में फ्लोटिंग सौर परियोजनाओं और पंप स्टोरेज अवसरों के माध्यम से अक्षय ऊर्जा को प्राथमिकता दे रहे हैं। हमारा विज़न ओडिशा में ऊर्जा को किफायती, सुलभ और टिकाऊ बनाना है, जिससे राज्य भारत के अक्षय ऊर्जा परिदृश्य में पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित हो सके।”

द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट की महानिदेशक, डॉ. विभा धवन, ने भारत की प्रगति पर प्रकाश डाला। डॉ. धवन ने कहा: “भारत पहले ही 127 गीगावाट की स्थापित सौर क्षमता हासिल कर चुका है और 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ रहा है। यह उपलब्धि स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में भारत के नेतृत्व को उजागर करती है।राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, सौर और बैटरी निर्माण के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना, और राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन जैसी पहलों के साथ, सरकार एक मजबूत घरेलू मूल्य शृंखला को बढ़ावा दे रही है। टेरी में, दशकों से किए गए अनुसंधान, क्षमता निर्माण और साझेदारियों का उद्देश्य भारत की अनुमानित 10,800 GW सौर क्षमता को साकार करना और ग्रामीण विकास को गति देने वाले एग्री-फोटोवोल्टिक मॉडल को आगे बढ़ाना रहा है। अब ध्यान स्थिरता को औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता और समावेशी विकास के एक रणनीतिक प्रवर्तक के रूप में देखने की ओर केंद्रित होना चाहिए।”

इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया के प्रबंध निदेशक, श्री योगेश मुद्रस, ने सह-स्थित एक्सपो पर अपने विचार साझा किए और महत्वपूर्ण निवेशों पर जोर दिया। श्री मुद्रस ने कहा: “भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता 2025 में 250 गीगावाट को पार कर गई है, और 2030 तक 500 गीगावाट का लक्ष्य है। विद्युत मंत्रालय ने 30 GWh बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (BESS) के लिए ₹5,400 करोड़ की व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) योजना को मंजूरी दी है, जिससे 2028 तक ₹33,000 करोड़ का निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो और बैटरी शो इंडिया जो अपना अब तक का सबसे बड़ा संस्करण मना रहे हैं, नवाचार, नीति अंतर्दृष्टि और क्रॉस-सेक्टरल सहयोग के एक संगम के रूप में इस विकास को आगे बढ़ाने की कुंजी हैं।”

 

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