ग्रेटर नोएडा,18 सितम्बर। अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश केनिर्देश पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर विचार विमर्श के लिए जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों के सुझाव को एकत्रित करने के लिए वेबिनार का आयोजन किया गया। डॉ. नीरज कुमार पाण्डेय जिला विद्यालय निरीक्षक के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति में दिए गए बिन्दुओं प्रस्तावना, शिक्षक भर्ती और पदस्थापन, सेवाकाल के दौरान कार्य संस्कृति और पर्यावरण आदि के सम्बन्ध में विस्तृत विचार विमर्श करते हुए माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों की आशंकाओं का निवारण किया गया। उन्होंने बताया कि पुरानी शिक्षानीति सन 1968 में बनी थी जिसे सभी कोठारी आयोग के नाम से जानते हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि शिक्षक बच्चों के भविष्य को आकार देते हैं, हमारे राष्ट्र का निर्माण करते हैं, जिससे विद्यार्थियों को निर्धारित ज्ञान, कौशल और नैतिक मूल्य प्रदान करने के लिए समाज शिक्षक या गुरुओं को सभी चीजें प्रदान करता है। अध्यापक शिक्षा की गुणवत्ता , भर्ती पदस्थापन, सेवाशर्त और शिक्षकों के अधिकार की स्थिति वैसी नहीं है जैसी होनी चाहिए। नई शिक्षा नीति मे स्कूल के काम के वातावरण और संस्कृति मे आमूलचूल परिवर्तन करने का प्राथमिक लक्ष्य शिक्षकों की क्षमता को अधिकतम स्तर तक बढ़ाना होगा,ताकि वे अपना काम प्रभावी ढंग से कर सकें और यह सुनिश्चित हो सके कि वे शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों, प्रधानाचार्यों और सहयाक कर्मचारियों के एक समावेशी समुदाय का हिस्सा बन सके।
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