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कैंसर का समय से पता चल जाए तो इलाज करना होगा संभव-डॉ. ठकवानी

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ग्रेटर नोएडा। मेडिकल क्षेत्र में आधुनिकता और तकनीक विकास के चलते कैंसर अब लाइलाज बीमारी तो नहीं रही है। अब भी आम लोगों के लिए इसका इलाज काफी कठिन बना हुआ है। दुनियाभर में कैंसर के बढ़ते खतरे को लेकर लोगों को जागरूक और शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया। शारदा अस्पताल के कैंसर विभाग डायरेक्टर के डॉ अनिल ठकवानी ने बताया कि कैंसर के कई प्रकार होते जैसे फेफड़े का कैंसर, स्तन, ग्रीवा, सिर, गर्दन और कोलोरेक्टल कैंसर हैं। प्रत्येक प्रकार के कैंसर को समझना जरूरी है कि यह कैसे शरीर को प्रभावित करता है तभी इससे बचाव कर सकते हैं। शरीर के किसी हिस्से में असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि और इसका अनियंत्रित रूप से विभाजन कैंसर का कारक हो सकती है। आनुवंशिकता, पर्यावरणीय, लाइफस्टाइल में गड़बड़ी, रसायनों के अधिक संपर्क के कारण कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है। महिलाओं में सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर जबकि पुरुषों में फेफड़े-प्रोस्टेट और कोलन कैंसर का खतरा सबसे अधिक देखा जाता रहा है।

कैंसर के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि यह शरीर के किस हिस्से में विकसित हो रहा है। मुख्यरूप से कैंसर के कारण थकान, अस्पष्टीकृत वजन कम होने की समस्या, त्वचा में परिवर्तन जैसे त्वचा का पीला या काला पड़ना, निगलने में कठिनाई, अस्पष्टीकृत रक्तस्राव की समस्या कैंसर का संकेत हो सकती है। अगर आपके शरीर में कहीं भी असामान्य तरीके से गांठ महसूस हो रही है तो इसकी समय रहते जांच जरूर कराएं।

डॉ. ठकवानी ने बताया कि कैंसर, कोशिकाओं के भीतर डीएनए में परिवर्तन के कारण होता है, इसके लिए कई कारक जिम्मेदार हो सकते हैं। जीवनशैली की कुछ गड़बड़ आदतें जैसे धूम्रपान-शराब का सेवन, सूरज के अत्यधिक संपर्क में रहना, मोटापा और असुरक्षित यौन संबंध कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। आनुवांशिकी भी कैंसर के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को कैंसर रह चुका है, उनमें कैंसर होने का खतरा अधिक हो सकता है।  समय पर अगर कैंसर का निदान हो जाए तो इसका उपचार और रोगी की जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। कैंसर के कई उपचार उपलब्ध हैं। कैंसर का प्रकार और अवस्था जैसी स्थितियों के आधार पर दवाओं, थेरेपी, सर्जरी के माध्यम से इसका इलाज किया जाता है। डॉक्टर कहते हैं, सभी लोगों को कैंसर से बचाव को लेकर लगातार सावधानी बरतते रहना चाहिए। लाइफस्टाइल और आहार को पौष्टिक रखने के साथ शराब-धूम्रपान को छोड़कर कैंसर के खतरे से बचाव किया जा सकता है।

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