ग्रेटर नोएडा। हथिनीकुंड़ बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना ने नोएड़ा में यमुना तलहटी स्थित ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। यमुना में कभी भी बाढ़ के हालात उत्पन्न हो सकते हैं इसी के चलते लोगों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।
एक तरफ जहां प्रशासन मुक्कमल इंतजाम के दावे कर रहा है वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक व्यवस्था कछुआ चाल चल रही है। लोगों को भय है कि अगर देर रात अचानक पानी का स्तर अधिक बढ़ गया तो फसल तो बर्बाद होगी ही साथ ही घरों में भी पानी घुस जायेगा। ऐसे में लोग कैसे सुरक्षित रह पायेंगे। सोमवार को बातचीत के दौरान गांव मकनपुर, रामपुर आदि के ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक यमुना में अधिक जलस्तर नहीं बढ़ा है लेकिन यमुना की धार की खामोशी किसी तूफान के आने का संकेत दे रही है। यहां किसी भी वक्त बाढ़ भयंकर रूप धारण कर सकती है। जिससे जेवर विकास ख्ंाड के दर्जनों गांव के हजारों किसान प्रभावित होंगे। प्रशासन भले ही बाढ़ से निपटने को तैयार रहने के दावे कर रहा है लेकिन इंतजाम की कछुआ चाल ने मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। वहीं पुरानी यमुना के किनारें बसे गांव के लोग भी इससे परेशान नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि अगर बाढ़ के हालात पैदा हुए तो उन्हें भी भारी परेशानी का दंश झेलना पडे़गा।
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